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महिला निःसंतानता कà¥à¤¯à¤¾ है? जब महिला गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के लिठअसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रà¥à¤ª से à¤à¤• वरà¥à¤· या इससे अधिक समय तक संबंध बनाती है और इसके बाद à¤à¥€ वह गरà¥à¤ धारण करने में असमरà¥à¤¥ हो जाती है तो उसे निःसंतानता (बांà¤à¤ªà¤¨) कहते है। यह निःसंतानता आज कल लगà¤à¤— 40 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं में देखी जाती है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ महिलाओं में पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ समà¥à¤¬à¤‚धित पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ की à¤à¤• अलग तरीके से पहचान करता है। जिसमे à¤à¤• महिला | शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ | है जबकि रकà¥à¤¤ और पोषण की आपूरà¥à¤¤à¤¿ के लिठलिठदो मà¥à¤–à¥à¤¯ | शà¥à¤°à¥‹à¤¤ | हैं। रजोवाहा शà¥à¤°à¥‹à¤¤ (Rajovaha srota) – गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ और योनि को रकà¥à¤¤ और पोषण की आपूरà¥à¤¤à¤¿ करता है। अरà¥à¤µà¤¾à¤¥ शà¥à¤°à¥‹à¤¤ (Artavaha srota) – इसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अंडाशय और फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ संà¤à¤µ हो पाती है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥, à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ अंड और à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से ही संपनà¥à¤¨ होता है। शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ | पà¥à¤°à¥à¤· और महिला दोनों में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ शरीर के अनà¥à¤¯ सà¤à¥€ ऊतकों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर निरà¥à¤à¤° करता है। यदि इसमें जरा सा à¤à¥€ दोष होगा यो महिला गरà¥à¤ धारण नही कर पायेगी।
महिलाओं में निःसंतानता के लकà¥à¤·à¤£ – महिला निःसंतानता का कारक कà¥à¤¯à¤¾ है?
यह सवाल उन हजारो हजार महिलाओं के जहन में जरूर आता होगा जो गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤µà¤¶ जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ नहीं हो पा रही है । आज परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ यह है कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¤¸à¥‡ हजारो हजार दंपतà¥à¤¤à¤¿ है जो की निःसंतानता से जूंठरहें है और ये संखà¥à¤¯à¤¾ लगातार बà¥à¤¤à¥€ ही जा रही है। वैसे तो इस समसà¥à¤¯à¤¾ का पता लगाना आसान काम नही है परंतॠमहिलाओं में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£ हैं जो की आगे चल कर निःसंतानता का कारण बन सकते है इसलिठजरूरी है कि इसपर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाठ।
अनियमित मासिक चकà¥à¤° – सामानà¥à¤¯ चकà¥à¤° 28 दिनों का होता है। यदि मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° 21 से 35 दिनों तक रहता है परंतॠनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤ आवरà¥à¤¤ पर तो à¤à¥€ ये के à¤à¤• सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है । दिकà¥à¤•त तो तब आती है जबकि इसमें असà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ होती है अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ कà¤à¥€ बहà¥à¤¤ दिनों तक ऋतà¥à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ और कà¤à¥€ अचानक से बंद हो जाना यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² असंतà¥à¤²à¤¨ जैसे कि हाइपरपà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ या PCOS के कारण होता है जिससे की महिलाओं में निःसंतानता के लकà¥à¤·à¤£ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकतें हैं। à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के कारण à¤à¤¾à¤°à¥€ और दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• माहवारी हो सकती है और लगà¤à¤— 20 – 40 % महिलाओं में यहीं निःसंतानता का कारण बनती है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ संà¤à¥‹à¤— के दौरान दरà¥à¤¦ à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ या पैलà¥à¤µà¤¿à¤• में सूजन के कारण हो सकता है। अचानक वजन बढ़ना, बालों का गिरना, थकान, चेहरे के बाल, सिरदरà¥à¤¦ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² डिसऑरà¥à¤¡à¤° के लकà¥à¤·à¤£ हैं। हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² असंतà¥à¤²à¤¨ à¤à¥€ महिला में निःसंतानता के संकेत हैं। मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से महिलाओं में निःसंतानता के कारण मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° महिलाओ में पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का संकेत है जो कि विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारकों से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है जैसे आहार, मानसिक तनाव, जीवन शैली, बहà¥à¤¤ सारा शारीरिक à¤à¤µà¤‚ मानसिक शà¥à¤°à¤® आदि। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° महिला निःसंतानता के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण इस पà¥à¤°à¤•ार से हैं वात दोष मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से अंडों में खराबी उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है और इसलिठकई बार यह निःसंतानता का कारण बनता हैं वात | मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से à¤à¤¯, तनाव, चिंता, आघात, उपवास के कारण या कई बार ठंडे-सूखे और हलà¥à¤•े पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन करने से असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ हो जातें हैं। पितà¥à¤¤ दोष के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥à¤ª फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में सकारिंग हो जाती है जो की डिमà¥à¤¬ या अंडे के अवतरण को बाधित करती है। जिससे निःसंतानता उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है। अवरà¥à¤¦à¥à¤§ फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब या thickened फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡, बढे हà¥à¤ कफदोष के कारण निःसंतानता उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है।
महिला निःसंतानता के पà¥à¤°à¤•ार – वैदिक आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° महिलाओं में निःसंतानता को तीन à¤à¤¾à¤—ों में बांटा गया है। बंधà¥à¤¯ (Vandhya) – यह निःसंतानता की à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ है जिसमे महिला पूरà¥à¤£ रूप से निःसंतानता से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होती है और जिसका इलाज संà¤à¤µ नही है। अपराज (Apraja) – इस पà¥à¤°à¤•ार की निःसंतानता में महिला के गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है और इलाज के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इसका निदान संà¤à¤µ है। सपà¥à¤°à¤œà¤¾ (Sapraja)- इस शबà¥à¤¦ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— उन महिलाओं के लिठकिया जाता है जो की à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के उपरांत निःसंतानता से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाती हैं। महिला निःसंतानता की जाà¤à¤š – यदि à¤à¤• महिला à¤à¤• वरà¥à¤· से अधिक समय के बाद असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सेकà¥à¤¸ करने के बावजूद गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में सकà¥à¤·à¤® नहीं है, तो उसे निःसंतानता का कारण जानने के लिठजाà¤à¤š अवशà¥à¤¯ करनी चाहिà¤à¥¤ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ टेसà¥à¤Ÿ आपको कारण की पहचान करने और समय पर ठीक से इलाज करने में मदद करता है ताकि आप अपने माठबनने के सपने को सच कर इसकें साथ ही असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ यौन संबंध के à¤à¤• वरà¥à¤· के बाद, जो महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ नहीं हो पाती हैं, आवरà¥à¤¤à¥€ गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤, 35 से अधिक दिनों के चकà¥à¤° के साथ अनियमित à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¾à¤°à¥€ मासिक धरà¥à¤®, à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में परेशानी वाली सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को तो निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से परिकà¥à¤·à¤£ करवाना चाहिà¤à¥¤
महिला निःसंतानता की जाà¤à¤šà¥‡ –
1 à¤à¤• संपूरà¥à¤£ चिकितà¥à¤¸à¤¾ मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन
2 अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड- यह गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ और डिमà¥à¤¬à¤—à¥à¤°à¤‚थि अलà¥à¤¸à¤° के आकार जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के निदान में सहायक है।
3 हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ रकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£- इसका उपयोग फॉलिकल सà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤‚ग हारà¥à¤®à¥‹à¤¨, मà¥à¤²à¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ और à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤² के मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन के लिठकिया जाता है।
4 ओवेरियन रिज़रà¥à¤µ टेसà¥à¤Ÿ- इसका उपयोग अंडाशय में अंडे की संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ संखà¥à¤¯à¤¾ का आकलन करने के लिठकिया जाता है।
5 लैपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपी- यह à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ को evaluates करता है
6 सोनोहिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤®- गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के घावों और अनियमित वृदà¥à¤§à¤¿ का निदान करता है।
7 हिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¾à¤²à¥à¤ªà¤¿à¤‚गोगà¥à¤°à¤¾à¤®- यह à¤à¤• महिला के फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का à¤à¤•à¥à¤¸-रे है। यह फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में रà¥à¤•ावट का पता लगाने में सहायक है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के असामानà¥à¤¯ आकार का à¤à¥€ पता लगाता है।
8 हिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपी- इसका उपयोग गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पॉलिपà¥à¤¸ और फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ को देखने के लिठकिया जाता है।
घर पर महिला निःसंतानता की जाà¤à¤š इस तथà¥à¤¯ को महसूस करने के अलावा कि à¤à¤• वरà¥à¤· या उससे अधिक समय तक असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ संà¤à¥‹à¤— के बाद गरà¥à¤ धारण करने में सकà¥à¤·à¤® नहीं है, संà¤à¤µ नहीहै। इसलिठजरूरी हो जाता है कि इसके उपचार à¤à¤µà¤‚ निदान हेतॠडॉकà¥à¤Ÿà¤° की परामरà¥à¤¶ अवशà¥à¤¯ लें। महिलाओं की निःसंतानता की जाà¤à¤œ की cost अलग-अलग महिला फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ सेंटरों में à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨-à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकती है। महिला निःसंतानता की औषत जाà¤à¤š की कीमत लगà¤à¤— 4000 से 6000 के बीज होती है। महिलाओं को निःसंतानता के निदान और उपचार के लिठमहिला निःसंतानता विशेषजà¥à¤ž से परामरà¥à¤¶ अवशà¥à¤¯ लेनी चाहिà¤à¥¤ महिला निःसंतानता हेतॠउपचार महिला निःसंतानता उपचार के लिठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण शरीर की आतà¥à¤® चिकितà¥à¤¸à¤¾ और संतà¥à¤²à¤¨ तंतà¥à¤° को मजबूत करने पर आधारित है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° खराब पाचन तंतà¥à¤° के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प अमा (टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥à¤¸) का संचय होता है जो सà¤à¥€ बीमारियों को जनà¥à¤® देता है। इसलिठइसका उपचार आवशà¥à¤¯à¤• है, इसमें पाचक जड़ी-बूटियों और मसालों का उपयोग, उचित à¤à¥‹à¤œà¤¨ के समय का पालन करना और ठंडे à¤à¥‹à¤œà¤¨ और वातहर पेय से परहेज आदि शामिल है।
निःसंतानता हेतॠपंचकरà¥à¤® पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ – आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अंतरà¥à¤—त पंचकरà¥à¤® आंतरिक सफाई की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है और महिला निःसंतानता के पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपचार में से à¤à¤• है। शिरोधारा, अà¤à¥à¤¯à¤‚ग, नासà¥à¤¯ करà¥à¤®, बसà¥à¤¤à¥€ करà¥à¤®, मरà¥à¤® चिकितà¥à¤¸à¤¾ जैसे उपचार शरीर से अशà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को निकलने में मदद करते हैं। यह महिलाओं में पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ाने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीका है। महिला निःसंतानता के लिठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार के रूप में शरीर के ऊतकों को पोषण देने का काम करतें है, मन को पà¥à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¤ और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को मजबूत करतें हैं। पंचकरà¥à¤® पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ महिलाओं में निःसंतानता को दूर करने के लिठà¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रà¥à¤ª में निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ की गयी पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ है। जिसमे साधन चिकितà¥à¤¸à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से ओवà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ चकà¥à¤° को नियमित किया जाता है। बसà¥à¤¤à¥€ करà¥à¤® कर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अवरà¥à¤¦à¥à¤§ फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब, पैलà¥à¤µà¤¿à¤• आसंजनों और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों में आयी सूजन का पता लगाया जाता है। मसाज थेरेपी या मालिश चिकितà¥à¤¸à¤¾ गतिहीन जीवन शैली के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प सà¥à¤¥à¤¿à¤° लसीका (lymph) पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ होता है।
इसलिठमालिश लिमà¥à¤« पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करने का काम करती है। अवरà¥à¤¦à¥à¤§ फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब को साफ करके गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढाती है। यह साबित हो गया है कि निःसंतानता उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने वाले आंतरिक अंगों से मेल खाते हाथ और पैरों के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ की मालिश करने से इसके इलाज में मदद मिलती है। निःसंतानता हेतॠआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• जड़ी बूटियों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— जड़ी बूटियों का à¤à¤• संयोजन महिला निःसंतानता के पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपचार हेतॠउपयोग किया जाता है। यह मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° को विनियमित करने में मदद करता है और हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करता है। औषधीय घी और तेल जैसे सतà¥à¤ªà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पूà¤à¤›, नारायण तेला, कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ घृत, ददिमादि घृत का उपयोग आमतौर पर किया जाता है। महिलाओं में निःसंतानता के लिठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवाओं में से कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार से हैं- चंदà¥à¤°à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾ वटी, योगराज गà¥à¤—à¥à¤—à¥à¤²à¥, अशोकारिषà¥à¤Ÿ, कनचनर गà¥à¤—à¥à¤—à¥à¤²à¥, किशोर गà¥à¤—à¥à¤—à¥à¤²à¥, तà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ गà¥à¤—à¥à¤—à¥à¤²à¥, शतावरी, जीवनवती, दशमूल, गà¥à¤¡à¥à¤šà¥€, पà¥à¤°à¥à¤¨à¤µà¤¾, गोककà¥à¤·à¥à¤°à¤¾ आदि। अनूकूल और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ निःसंतानता के इलाज और रोकथाम में आहार à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। उड़द की दाल के सेवन | शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ | की संखà¥à¤¯à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ करता है साथ ही उनकी कैपेसिटी à¤à¥€ बà¥à¤¤à¤¾ है । गà¥à¤¡à¤¼ और काले तिल के बीज हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करते हैं। आहार में टà¥à¤°à¤¾à¤‚स वसा शामिल नहीं होना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे चैनलों को अवरà¥à¤¦à¥à¤§ करते हैं और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में अवरोधक सिदà¥à¤§ होतें हैं इसके अलावा पालक, बीनà¥à¤¸, बीट, टमाटर जैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ महिलाओं में पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ का काम करतें हैं। Preservatives (डिबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ में बंद खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥) और रसायनों वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का जितना हो सके परहेज आवशà¥à¤¯à¤• है अधिक शराब और कैफीन, तंबाकू, सोडा, धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨, रेड मीट, refined कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ Reproduction कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं। अपने आहार में à¤à¥‹à¤œà¤¨ की à¤à¤• विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला को शामिल करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ माना गया है। नियमित और संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ दिया गया है।
परंतॠआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में रोज नठफलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को शामिल करने की सलाह दी जाती है न की à¤à¤• ही पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¥‹à¤œà¤¨ से चिपके रहने की। निःसंतानता के उपचार हेतॠकाउंसलिंग, डिटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤«à¤¿à¤•ेशन थेरेपी | पंचकरà¥à¤® | इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ को समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ किया गया है। पंचकरà¥à¤® के माधà¥à¤¯à¤® से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ और अंडाशय के कारà¥à¤¯ को बढ़ाना, आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ और चिकितà¥à¤¸à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से गरà¥à¤ संसà¥à¤•ार और उससे पूरà¥à¤µ की देखà¤à¤¾à¤² , इसके अतिरिकà¥à¤¤ चिकितà¥à¤¸à¤¾ और हरà¥à¤¬à¤² दवाà¤à¤‚ जो की निषेचन की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ देती है। इन सà¤à¥€ के सफल कारà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¯à¤¨ हेतॠपोषक पदारà¥à¤¥à¥‹ का सेवन और आहार चारà¥à¤Ÿ à¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। महिला के लिठकई उपचार उपलबà¥à¤§ हैं लेकिन साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ और उचà¥à¤š लागत के कारण, वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समय में आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ को मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से अपनाया जा रहा है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ महिलाओं की निःसंतानता का इलाज आज के यà¥à¤— में à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही अचà¥à¤›à¥‡ विकलà¥à¤ª के रà¥à¤ª में उà¤à¤° कर सामने आ रहें ..
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